Reasons behind hairfall

बाल के झड़ने के मूल कारण

बाल के झड़ने के मूल कारण

खूबसूरत बाल सुंदरता का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। बालों की खूबसूरती पर कई फिल्में बन चुकी हैं, उन फिल्मों मे वास्तव दिखाया है। चाहे महिला हो या पुरुष, हर कोई खूबसूरत बाल चाहता है, यानी खूबसूरत बाल हर किसी का सपना होता है। घने लंबे बाल होना सुंदरता का हिस्सा माना जाता है। आज कल बहुत से लोग बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित हैं। जब बाल झड़ने लगते हैं, तो गंजा होने का डर पैदा हो जाता है, और उस तनाव के कारण और अधिक बाल झड़ने लगते हैं। बाल झड़ने पर महँगे शैम्पू, तेल, दवाईया का प्रयोग किया जाता है, लेकिन बाल झड़ना बंद नहीं होता है। छोटो से लेकर बड़े लोगों तक, हर कोई बालों से जुड़ी इन समस्याओ से जूझ रहा है। अनेक उपाय करने पर भी बालों का झड़ना रुकता नहीं है।

वास्तव में, बालों के झड़ने के मूल कारणों का पता नहीं लगाया जाता, इसलिए सभी उपाय अपर्याप्त हो जाते है। इसलिए आज हम बालों के झड़ने के मूल कारणों की समीक्षा करने जा रहे हैं, जिससे हम सही उपाय कर के बाल झड़ने की समस्या का निवारण कर सकते है।

बालों के झड़ने के कारण:
1) पोषक तत्वों की कमी
– सामान्य आहार में बालों के लिए जरूरी प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स की कमी देखी जाती है। बायोटिन, विटामिन बी 12 , हीमोग्लोबिन, कैल्शियम बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक हैं। बदलती जीवनशैली और असंतुलित आहार के कारण कहीं न कहीं शरीर के लिए उपरोक्त सभी चीजों की कमी हो रही है। इससे बाल झड़ने लगते हैं। ऐसी स्थिति में संतुलित आहार का प्रबंध हमारे आहार मे होना जरूरी है।

2) हार्मोन्स का असंतुलन – थायरॉयड विकार, गर्भावस्था, प्रसव के बाद की स्थिति, रजोनिवृत्ति, पीसीओएस, एण्ड्रोजन ये सभी समस्याएं शरीर में हार्मोनल असंतुलन का कारण बनती हैं, और बालों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बालों के झड़ने से छुटकारा पाने के लिए कितने भी महँगे शैम्पू, तेल, दवाईया इस्तेमाल करने पर कोई फायदा नहीं होता, जब तक हार्मोन्स का संतुलन नहीं होता इसलिए हार्मोन्स को संतुलित रखना महत्वपूर्ण है।

3) शारीरिक स्थिति / बीमारी – डेंगू कोरोना, चिकनगुनिया, मधुमेह, कैंसर, लीवर रोग, उच्च रक्तचाप और यहां तक कि सर्दी, खांसी, के लिए दवाओं के अधिक सेवन से बाल झड़ने की समस्या होती है।

4) रसायनों की अधिकता– फैशन और स्टाइल के नाम पर बालों पर बहुत सारे प्रयोग किए जाते हैं, जैसे की, केराटिन ट्रीटमेंट, बालों को स्ट्रेट करना, कर्ल्स करना, सॉफ्ट करना इसके लिए ज़्यादातर केमिकल्स का उपयोग किया जाता है, इससे बाल बेजान और रूखे हो जाते हैं।

5) तनाव – आज कल हम देखते है की, हर कोई जिंदगी मे आगे बढ़ने के लिए भागदौड़ कर रहा है, वर्क- लाइफ बैलन्स करते करते अपेक्षित सफलता की कमी के कारण तनाव पैदा होता है। तनाव की वजह से कई स्वास्थ्य समस्याए पैदा होती है, तनाव के कारण बाल फॉलिकल्स रेस्टिंग फेज मे चले जाते है। इससे बाल बहोत झड़ सकते है। उचित तनाव प्रबंधन के बिना, बालों के झड़ने की समस्या का हल होना मुश्किल होता है।

6) मौसम – बदलते मौसम के कारण बालों के झड़ने की समस्या निर्माण होती है। आमतौर पर बरसात के मौसम में ये समस्या ज्यादा होती है। खासतौर पर सितंबर के महीने में वातावरण में कई बदलाव होते हैं, और इसका सीधा असर बालों पर पड़ता है। बरसात के मौसम में वातावरण में नमी और चिपचिपापन अधिक रहता है, और बाल लगातार गीले रहने की संभावना होती है, इसलिए इस दौरान बालों की झड़ने की मात्रा बाकी मौसम की तुलना में अधिक होती है।

7) बालों की उचित देखभाल न करना – अगर सिर पर फंगल इंफेक्शन हो जाए तो बालों का झड़ना बढ़ जाता है। बालों को ठीक से न धोना, गीले में बाल ब्रश करना, शैंपू का ज्यादा इस्तेमाल करना, बालों को कसकर बांधना, बालों को बहुत कसकर खींचना, इन सभी कारणों से बाल टूटते हैं।

8) आनुवंशिक कारण – माता-पिता के बाल पतले हों, या फिर पारिवारिक इतिहास भी बालों की बनावट, मोटाई, पतलेपन आदि में योगदान दे सकता है। आनुवंशिकी पुरुष पैटर्न गंजापन, महिला पैटर्न गंजापन गंजे होने का एक प्रमुख कारण है।

9) गरम पानी का उपयोग– बाल धोते समय ज्यादा गर्म पानी का उपयोग करना बालों की सेहत के लिए खतरनाक है। गर्म पानी सिर की त्वचा के रोम छिद्रों को शुष्क करने लगता है। इससे बालों की जड़ों की क्षति होती है।

10) प्रदूषण – हवा के साथ-साथ पानी का प्रदूषण भी बालों के झड़ने का कारण बन सकता है। हवा में अत्यधिक नमी, चिपचिपाहट और टॉक्सिक गैस के कारण बाल झड़ते है। यदि पानी का पीएच स्तर अधिक है, या फिर क्षारीय पानी ,भारी पानी, खराब पानी इन सबका बालों की स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।

बालों का झड़ना यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। हर रोज 50 से 100 बाल झड़ना आम बात है, लेकिन अगर यह ज्यादा मात्रा मे हो रहा है, तो विशेषज्ञों से सलाह लेना जरूरी है। बालों के झड़ने से आत्मविश्वास कम होने लगता है, और उससे तनाव बढ़ता है। इसलिए बालों पर उपाय करने से पहले उनके झड़ने के मूल कारणों का पता करना बहुत जरूरी है।

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